Computer kya hota hai | What is computer in Hindi

Computer kya hota hai (कंप्यूटर क्या है और कैसे काम करता है) यह आज के युग में लगभग सभी को मालूम होगा। लेकिन कंप्यूटर की पूरी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। जब भी हम computer का नाम सुनते है या कंप्यूटर को देखते है तो हमारे मन में कंप्यूटर के regarding बहुत सारे सवाल आते है।

Computer kya hota hai

इस आर्टिकल के माध्यम से में आपको वो सब बताऊंगा जो आप “What is computer in Hindi” के बारे में जानना चाहते है। हो सकता है कंप्यूटर की बहुत सी जानकारी के बारे में आपको पहले से मालूम हो लेकिन में आपको  इस आर्टिकल के माध्यम से कंप्यूटर की पूरी जानकारी देने की कोशिश करूंगा।

Computer kya hota hai। What is computer in Hindi:

computer kya hai: कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो यूजर से इनपुट के रूप में रॉ डाटा लेती है, और उस डाटा को प्रोसेस करके यूजर को आउटपुट के रूप में रिजल्ट दिखाती है। यह results किसी visual, sound इत्यादि के रूप में हो सकता है, इसकी खास बात यह है कि हम इन results को स्टोरेज में भविष्य के लिए save करके भी रख सकते है।

अगर हम कंप्यूटर के शाब्दिक अर्थ की बात करे तो Computer शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, compute ka hindi meaning hai “गणना”, इसीलिए इसे गणक या संगणक यंत्र भी कहा जाता है! इसका अविष्‍कार डाटा Calculation करने के लिये हुआ था! सीधी भाषा मेंं कंप्‍यूटर एक Calculation करने वाली मशीन थी, जैसे आपका एक कैलकुलेटर!

आज के इलेक्ट्रॉनिक युग की बात करे तो कंप्यूटर इतने विकसित हो चुके है! की एक अकेला कंप्यूटर हजारों आदमियों का काम  बिना थके मिनटों में कर देता है!

कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है। Full form of computer in hindi।

आज के जमाने में किसी भी चीज की फुल फॉर्म को याद रखना unnecessary सा लगता है। लेकिन फुल फॉर्म हमे उस चीज के बारे में बहुत कुछ बता देती है, इसलिए हमे फुल फॉर्म को जरूर से याद रखना चाहिए।

what is full form of computer:

C -Commonly

O-Operated

M-Machine

P-Particularly

U-Used for

T-Technology

E-Education and

R-Research

Full form of computer से हमे यह पता चलता है की कंप्यूटर एक ऐसी common मशीन है, जो particularly technology, education and Research के लिए यूज़ होती है।

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

कंप्यूटर के मुख्य रूप से तीन काम है Input लेना, Process करना, Output दिखाना।

Full form of computer in hindi
  1. Input: कंप्यूटर को अपना काम करने के लिए उसे input या इंस्ट्रक्शन देनी पड़ती है! input physically और internal software program के through दे सकते है! कंप्यूटर में mouse and keyboard  बेसिक इनपुट कॉम्पोनेन्ट होते है!
  2. Process: जब हम कंप्यूटर को input देते है, जैसे आपने अपने computer mouse से किसी video पे डबल क्लिक किया यह एक input है, जो आपने डबल क्लिक करके कंप्यूटर को दी! अब कंप्यूटर उस इनपुट को analyses करेगा और अपनी स्टोरेज में खोजेगा और किसी प्रोग्राम के माध्यम से उसे decode करेगा, इस पुरे क्रियाकलाप को जो इंटरनली होता है उसे प्रोसेस कहते है!
  3. Output: जब कंप्यूटर इनपुट को इंटरनली प्रॉसेस कर लेता है तो उसके बाद हमे कंप्यूटर रिजल्ट दिखाता है। अभी हमने इनपुट के रूप में वीडियो पे डबल क्लिक किया था तो इस केस में कंप्यूटर हमे डिस्प्ले की सहयता से visual दिखायेगा! अगर उस video में साउंड था तो हमे आउटपुट के रूप में स्पीकर के माध्यम से साउंड भी सुनने को मिलेगी!

कंप्यूटर अपने इनपुट कॉम्पोनेन्ट के माध्यम से इनपुट लेता है! और उसे इंटरनली CPU के माध्यम से प्रॉसेस करता है और इसके बाद आउटपुट के रूप में हमे रिजल्ट दिखता है! जो की डिस्प्ले पे visual या स्पीकर में साउंड के रूप में हो सकता है!

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ।

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है अगर आप इसका उतर सीधे सीधे दे देते हो तो आप गलत भी हो और सही भी। जब कंप्यूटर के प्रकार की बात करें तो हमे यह भी बताना होगा हमने कंप्यूटर को किस आधार पर differentiate किया है।

हम कंप्यूटर को उसके size, function, usage या फिर Generation of Computer Technology के आधार पर कंप्यूटर को differentiate कर सकते है।

  1. सुपर कंप्यूटर :सुपर कंप्यूटर साइज में बहुत बड़े होते है। सुपर कंप्यूटर ज्यादातर dual प्रॉसेसिंग unit के साथ आता  है, इनका उपयोग सिर्फ ख़ास कामों के लिए किये जाता हैं। जैसे मौसम की भविष्यवाणी, इसके लिए बहुत ही जटिल गणना की जाती है ,यही वजह है की सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल एनीमेशन, ग्राफ़िक डिजाइनिंग, nuclear energy research, और fluid dynamics के कैलकुलेशन करने में किया जाता है।
  2. मेनफ़्रेम कंप्यूटर: Mainframe computer भी सुपर कंप्यूटर की ही भांति पॉवरफुल होता है। इसके इस्तेमाल ज्यादातर कंपनी करती है ताकि वह हजारों यूजर को सिंगल एक कंप्यूटर से हेंडले कर लें। कुछ केसेस की बात करे तो ये सुपर कंप्यूटर से कई गुना शक्तिशाली होते हैं क्यूंकि ये एक साथ कई प्रोग्राम को run करा सकते हैं जिसमे हज़ारों यूजर एक साथ काम कर सकते हैं।
  3. मिनी कंप्यूटर: size और power के मामले में ये कंप्यूटर medium level में आते हैं। इन्हे सीधे शब्दों में कहो तो यह सर्वर कंप्यूटर होते है जिस में 4-200 यूजर एक साथ काम कर सकते हैं। यह कंप्यूटर आपको किसी बैंक या ऑफिस जिसमे बहुत सारे लोग काम करते हो बांह देखने को मिल जाते है। इन कंप्यूटर को डायरेक्टली use नहीं किया जाता बल्कि इनमे यूजर बना के microcomputer के द्वारा इसके प्रोग्राम को use किया जाता है।
  4. माइक्रो या पर्सनल कंप्यूटर डेस्कटॉप कंप्यूटर: डेस्कटॉप कंप्यूटर, माइक्रो या पर्सनल के नाम से जाना जाता है। क्यंकि यह कंप्यूटर एक डेस्क के ऊपर आराम से रखा जा सकता है , इसलिए इसे इसलिए इसे desktop कंप्यूटर और यह सिंगल यूजर के लिहाज से बना है तो पर्सनल , आकर में सबसे छोटा कंप्यूटर होने के कारन इस micro computer भी कहते है। इस कंप्यूटर के तीनो नाम काम और साइज के कारन पड़े है। इन कंप्यूटर को स्कूल,ऑफिस, और घरो में इस्तेमाल किया जाता है।
  5. Laptop computer: Laptop को तो हम सभी जानते है, यह Portable और बैटरी से चलने बाला कंप्यूटर होता है, लैपटॉप एक किताब की जीतनी साइज का हो सकता है, जिसे हम आसानी से कंही पर भी ले जा सकते है, इसलिए हम इसे पोर्टेबल कंप्यूटर भी कहते है। इसमें हम सभी कार्य कर सकते है जो एक सामान्य कंप्यूटर में करते है।
  6. Tablet: टेबलेट भी एक कंप्यूटर की क्षेणी में आता है इसमें आपको एक टच डिस्प्ले मिलती है, इसमें कंप्यूटर या लैपटॉप की भांति keyword, mouse, आदि दिए जाते, इसमें आप सभी काम screen को touch करके सभी काम कर सकते है। यह कंप्यूटर और लैपटॉप की भांति पावरफुल तो नहीं लेकिन आपके कंप्यूटर और लैपटॉप के समान्य काम आसानी से कर देता है।
  7. Smartphone: अब तक जो काम हम computer, laptop, और टेबलेट आदि में कर सकते थे आज हम वही काम अपने स्मार्टफोन में भी कर सकते है, आज के स्मार्टफोन में आप वीडियो एडिटिंग, ग्राफ़िक डिजाइनिंग जैसे काम भी बड़ी कुशलता से कर सकते है।

कंप्यूटर में हम उन्ह सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को शामिल कर सकते है जो किसी यूजर या AI, सॉफ्टवेयर से इनपुट लेते ह। और इनपुट को प्रोसेस करके हमें रिजल्ट देते है, वह सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कंप्यूटर का ही एक प्रकार होता है। जैसे स्मार्टवॉच, tv, गेम कंसोल, इत्यादि।

कंप्यूटर का वर्गीकरण – कार्य प्रणाली का वर्गीकरण

  1. डिजिटल कम्प्यूटर: डिजिटल कंप्यूटर, कंप्यूटर का सबसे सामान्य प्रकार है और यह कंप्यूटर केबल 0 और 1 को समझाता है जिसे हम बाइनरी भाषा कहते है यह सभी जानकारी को 0 और 1 की फॉर्म में डिकोड और प्रोसेस करता है।
  2. एनालॉग कंप्यूटर: एक एनालॉग कंप्यूटर एक कंप्यूटर है जो एनालॉग डेटा को प्रोसेस करने के लिए उपयोग किया जाता है। एनालॉग कंप्यूटर physical quantities के निरंतर रूप में डेटा संग्रहीत करते हैं और measures की मदद से गणना करते हैं।
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर: हाइब्रिड कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जो डिजिटल और एनालॉग इनपुट को लेता है और प्रोसेस करके एनालॉग और डिजिटल रूप आउटपुट देता है।

Computer के main parts and उनके काम।

कंप्यूटर के बहुत से main parts होते है और हर एक part का अपना अलग काम होता है। चलिए तो जान लेते है कंप्यूटर के कौन कौन से मैन पार्ट्स होते है और आखिर वह काम क्या करते है।

What is computer in Hindi
  1. Processor: प्रॉसेसर कंप्यूटर का एक मैन पार्ट होता है जिसे हम कंप्यूटर का दिमाग भी कहते है। प्रोसेसर के पास सभी कॉम्पोनेन्ट की पूरी जानकारी होती है, या आप ये भी कह सकते है की प्रोसेसर कंप्यूटर के सभी पार्ट्स को control करता है। जब हम कंप्यूटर में कोई इनपुट देते है तो वह उस इनपुट डाटा को प्रॉसेस करता है और हमे रिजल्ट देता है। सिंपल भाषा में कहे तो Processor एक ऐसा कॉम्पोनेन्ट है जो इनपुट किये गए डाटा को प्रोसेस करता है इसलिए इसे प्रोसेसर कहते है।
  2. RAM : Ram की फुल फॉर्म की बात करे तो इसे Random access memory कहते है, जब भी हम कोई डाटा processor के पास प्रोसेस करने के लिए भेजते है, तो ram उसे अपने पास कुछ देर के लिए स्टोर रखती है ताकि प्रोसेसर उसे प्रोसेस कर सके। अब RAM जीतनी फास्ट होगी डाटा भी उतने ही जल्दी वह प्रोसेसर के पास भेज पाएगी और हमारा कंप्यूटर फ़ास्ट वर्क करेगा और RAM की कैपेसिटी जीतनी ज्यादा होगी उतना ज्यादा आप High resolution data or multitasking कर सकते है। इसलिए आपको लोग ram की speed और उसके capacity यानी साइज के ऊपर ध्यान देने को कहते है।
  3. Motherboard : इसे हम PCB या ग्रीन बोर्ड भी कहते है इसमें बहुत से कॉम्पोनेन्ट इनस्टॉल होते है जैसे Processor, ram, graphic card, sound card, HDD & SSD, ।/O और Motherboard में input output की सहयता से हम input devices  जैसे mouse और keyboard and output device monitor, speaker आदि लगा सकते है। लगभग सभी कम्प्युटर पार्ट्स मदरबोर्ड के साथ जुड़े होते है ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार एक बचा अपनी माँ से जुड़ा होता है। इसलिए इसे मदर बोर्ड कहते है। मदरबोर्ड के साथ सभी कंप्यूटर पार्ट्स का कनेक्शन होता है! तो motherboard कंप्यूटर के सभी पार्ट्स का एक दूसरे के साथ कमिनिकेशन को बनाये रखता है।
  4. Storage (HDD or SSD ): बिना यूजर इंटरफ़ेस के हम कंप्यूटर को नहीं चला सकते है यानी कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम होना बहुत जरुरी होता है, without ऑपरेटिंग system कंप्यूटर एक टीन का दीबे के अलाबा कुछ नहीं होता।ऑपरेटिंग सिस्टम को install करने के लिए स्टोरेज की जरुरत पड़ती है। और हम कंप्यूटर में जो डाटा store करना चाहते है उसे स्टोर रखने के लिए भी storage की जरुरत पड़ती है। स्टोरेज के रूप में मुख्या रूप में हम HDD या SSD को use करते है।
  5. SMPS : Full form of smps – switch mode power supply – SMPS इसे इसलिए कहते है क्यंकि यह पावर सप्लाई Input के रूप में AC पावर लेती है और उसे कन्वर्ट करके कंप्यूटर को DC पावर देती है, क्यूंकि हमारे कंप्यूटर में लगने बाले लगभग सभी कॉम्पोनेन्ट DC पावर से चलते है। कंप्यूटर में बहुत से पार्ट्स होते है अब किस पार्ट्स को कितनी और कौन सी power देनी है तो इसके लिए हम कंप्यूटर में smps का इस्तेमाल करते है।
  6. Computer case : कंप्यूटर case – plastic और मेटल से बना होता है यह देखने में टीन के डिब्बे के भाँती लगता है। कंप्यूटर में लगने बाले लगफग सभी कॉम्पोनेन्ट को एक साथ सेफ जगह में रखने की जरुरत होती है जिसके लिए हम computer case का इस्तेमाल करते है। क्यूंकि इसमें कंप्यूटर के लगभग सभी पार्ट्स को रखने की सेफ और सुनिश्चित जगह बनाई गई होती है।
  7. Mouse & Keyboard : keyboard or mouse की सहयता से हम कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देते है ताकि जो काम हम कंप्यूटर से करबाना चाहते है वह काम हम करवा सके। बिना keyboard or mouse के आप कंप्यूटर में कुछ भी नहीं कर सकते। इसलिए mouse & keyboard कंप्यूटर के मैन parts में कंसीडर किये जाते है।
  8. Monitor: Monitor एक आउटपुट डिवाइस है| इसको visual डिस्प्ले unit भी कहा जाता है! यह देखने में टीवी की तरह होता है! माॅनीटर एक सबसे महत्वपूर्ण आउटपुट डिवाइस है!इसके बिना कम्प्यूटर अधूरा होता है क्यूंकि यह CPU के सभी processed data को मॉनिटर स्क्रीन में शो करता है! यह एक कंप्यूटर और यूजर के बिच का interface की तरह होता है! without मॉनिटर आप कंप्यूटर में  switch on करने के सिवाए कुछ भी नहीं कर सकते!

कंप्यूटर की खोज कब हुई? और कंप्यूटर की खोज किसने की। History of computer।

कंप्यूटर कोई एक सिंगल कॉम्पोनेन्ट पर आधारित मशीन नहीं है! इसमें आपको अलग-अलग कॉम्पोनेन्ट देखने को मिलते है जब ये सब कॉम्पोनेन्ट आपस में एक साथ जुड़ के काम करते है तो उसे हम कंप्यूटर कहते है! इन्ही कॉम्पोनेन्ट को अलग अलग समय पर अलग अलग लोगो ने खोजा और इन्हे upgrade किया था!

लेकिन सीधे शब्दों में कहे तो  कंप्यूटर का अविष्कारक Charles Babbage को माना जाता है! क्योंकि सबसे पहले उन्होंने programmable computer का डिजाईन तैयार किया था! 1822 में  Charles Babbage नें “डिफरेंशिअल इंजन” नाम के मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया था!

इसके बाद 1938 में United States Navy ने इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया! जिसका नाम था टारपीडो डाटा कंप्यूटर (Torpedo Data Computer)! इसके बाद 1939 में Konrad Zuse ने Z2 कंप्यूटर बनाया! जिसमे  वैक्यूम ट्यूब्स का इस्तेमाल किया गया! और ये ही सबसे पहला  Electromagnetically Relay कंप्यूटर था !

दुनिया का सबसे पहला Personal कंप्यूटर Italian company Olivetti ने 1964 में बनाया था! जिसका Price $ 3,200 था आज के हिसाब से लगभग 222686 रूपए था!

 1985 में  Atari Corporation ने 520ST कंप्यूटर बनाया! 520ST कंप्यूटर एक 32 बिट का रंगीन कंप्यूटर था और इसमें 256kb RAM थी! इसमें 3 1⁄2-inch की एक floppy disks थी जो स्टोरज का काम करती थी!

Summary 

कंप्यूटर क्या है और कैसे काम करता है:- कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो यूजर से इनपुट के रूप में रॉ डाटा लेती है! और उस डाटा को प्रोसेस करके यूजर को आउट पुट के रूप में रिजल्ट दिखाती है। what is full form of computer: C –Commonly, O-Operated, M-Machine, P-Particularly, U-Used for, T-Technology, E-Education and, R-Research. कंप्यूटर के मुख्य रूप से तीन काम है। Input लेना, process करना, output  दिखाना। कंप्यूटर का अविष्कारक Charles Babbage 1822 में किया था। Computer के साइज के अनुसार प्रकार- supercomputer, mainframe computer, minicomputer, micro computer. Computer के main parts: motherboard, processor, ram, Storage, smps, monitor, mouse and keyboard, and computer case!

दोस्तों मैंने याँह पे “कंप्यूटर क्या है और कैसे काम करता है” के बारे में डिटेल में जानकारी देने की कोशिश की है। I hope आपको यह जानकारी काफी अच्छी लगी हो।

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