Internet kya hai और इंटरनेट कैसे चलता है – जानिए इस अद्भुत और सम्पूर्ण जानकारी के साथ

इंटरनेट विश्व में फैला हुआ नेटवर्क जाल है, जिसमें स्मार्टफोन और कंप्यूटर जैसे Devices के माध्यम से हम एक दूसरे से जुड़ पाते है, जानकारी आदि शेयर कर पाते है। आप यह आर्टिकल भी इंटरनेट के माध्यम से देख और पढ़ पा रहे है।

आज हम Internet के बिना इस दुनिया की कल्पना भी नहीं कर सकते है, क्यूंकि हर एक व्यक्ति किसी न किसी रूप से इंटरनेट के साथ जुड़ा हुआ है, चाहे वो एक स्टूडेंट हो, व्यसक हो, किसान हो या मजदूर, जिस किसी के पास स्मार्टफोन है वह इंटरनेट से जुड़ा हुआ है।

हम हमेशा इंटरनेट से जुड़े रहते है लेकिन क्या हमें पता है की Internet kya hai, इस आर्टिकल में, हम यह सब जानेंगे आखिर इंटरनेट क्या है, इंटरनेट कैसे चलता है? तथा इंटरनेट का मालिक कौन है, इत्यादि।

Internet kya hai

इंटरनेट क्या है? (Internet kya hai) | What is internet in hindi

इंटरनेट का कार्यप्रणाली क्लाइंट-सर्वर आर्किटेक्चर पर आधारित है। जब हम इंटरनेट का उपयोग किसी जानकारी को प्राप्त करने हेतु कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर करते हैं, तो इस स्थिति में हमारा डिवाइस एक ‘क्लाइंट’ के रूप में काम करता है। वहीं, इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाएं एक विशाल स्टोरेज डिवाइस में संग्रहित होती हैं, जिसे ‘सर्वर’ के नाम से जाना जाता है। यह सर्वर डेटा को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करके उसे उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराता है।

यह लोगों को डेटा साझा करने, सूचना प्राप्त करने, ऑनलाइन संचार करने, और अनगिनत डिजिटल सेवाओं और संसाधनों तक पहुंच प्रदान करता है। इंटरनेट का उपयोग ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग, समाचार और जानकारी, मनोरंजन, और शिक्षा जैसे विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता है। इसने दुनिया को और अधिक जुड़ा हुआ और सूचना के प्रसार में तेजी लाई है, जिससे हमारे जीवन के हर पहलू में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं।

इंटरनेट का इतिहास (History of Internet in Hindi)

Internet की शुरुआत 1960 के दशक में अमेरिकी रक्षा विभाग के तहत एक परियोजना ARPANET से हुई थी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा नेटवर्क बनाना था जो परमाणु युद्ध की स्थिति में भी संचार क्षमता बनाए रख सके।

1969 में, ARPANET ने कैलिफोर्निया और यूटा के बीच पहला सफल डेटा ट्रांसफर किया। 1980 के दशक में, इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी/आईपी) विकसित किया गया था, जो विभिन्न नेटवर्कों को एक साथ जोड़ने में सक्षम था। यही वह समय था जब इंटरनेट ने वास्तव में एक वैश्विक नेटवर्क का रूप लेना शुरू कर दिया था।

1990 के दशक की शुरुआत में, टिम बर्नर्स-ली ने World Wide Web (WWW) की स्थापना की, जिसने इंटरनेट को अधिक सुलभ और मूल्यवान बना दिया। WWW ने हाइपरटेक्स्ट दस्तावेज़ों को ब्राउज़ करने और उन्हें एक साथ लिंक करने की सुविधा प्रदान की। 21वीं सदी में प्रवेश करते हुए, इंटरनेट ने और अधिक तकनीकी विकास देखा।

ब्रॉडबैंड कनेक्शन, सोशल मीडिया और मोबाइल इंटरनेट प्रौद्योगिकियों के उदय ने इंटरनेट को हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बना दिया है। आज, इंटरनेट दुनिया भर के अरबों लोगों को जोड़ता है और इसका प्रभाव विज्ञान, व्यवसाय, शिक्षा, संचार और मनोरंजन के क्षेत्रों में देखा जा सकता है। यह नवप्रवर्तन और संचार का एक आवश्यक माध्यम बन गया है।

भारत में इंटरनेट कैसे आया?

भारत में सबसे पहले Internet की सुविधा BSNL कंपनी ने प्रदान की थी। सबसे पहले भारत में इंटरनेट का उपयोग 15 August 1995 को हुआ था। यहीं से भारत में Internet का शुरुआत हो गयी थी।

इंटरनेट कैसे चलता है?

आजकल तो हर कोई इंटरनेट का इस्तेमाल करता है, पर क्या आप जानते हैं कि वास्तव में इंटरनेट कैसे काम करता है? अक्सर लोग सोचते हैं कि इंटरनेट उपग्रहों (Satellites) के जरिए चलता है, लेकिन यह सच नहीं है। असल में, लगभग 99% इंटरनेट सेवाएं फाइबर ऑप्टिक केबल्स के माध्यम से प्रदान की जाती हैं, जिन्हें विश्व की प्रमुख टियर-1 कंपनियों ने समुद्र के नीचे बिछाया है।

इंटरनेट कैसे चलता है

ये फाइबर ऑप्टिक केबल्स ही दुनिया भर में इंटरनेट की पहुंच संभव बनाती हैं। अब शायद आप सोच रहे होंगे कि आपके फोन या कंप्यूटर में तो कोई केबल नहीं है, तो इंटरनेट कैसे चल रहा है? इसका जवाब यह है कि आपके आस-पास मौजूद टावर, जो वायर्ड नेटवर्क से जुड़े होते हैं, वहां से वायरलेस तरीके से अर्थात् रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल के द्वारा आपके डिवाइस तक इंटरनेट पहुंचता है।

इंटरनेट का मालिक कौन है?

इंटरनेट का कोई अकेला मालिक नहीं है। इंटरनेट एक वैश्विक नेटवर्क है जो कई संगठनों, सरकारों, कंपनियों और निजी व्यक्तियों द्वारा साझा और संचालित किया जाता है। इसकी बुनियादी संरचना और मानकों का निर्माण और प्रबंधन विभिन्न संस्थाओं द्वारा किया जाता है, जैसे कि इंटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN), इंटरनेट सोसायटी (ISOC), और इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (IETF)। इन संस्थाओं का काम इंटरनेट के प्रोटोकॉल और मानकों को विकसित करना और उन्हें अपडेट रखना है।

इसके अलावा, इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISPs) और अन्य व्यावसायिक कंपनियां भी इंटरनेट के विस्तार और उपयोग में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए, इंटरनेट को एक सामूहिक, विकेंद्रीकृत संसाधन के रूप में समझा जाना चाहिए जिसका कोई एकल मालिक नहीं है।

इंटरनेट के उपयोग

  1. इलेक्ट्रॉनिक मेल का आदान-प्रदान: इंटरनेट का प्रमुख उपयोग ईमेल के जरिए संवाद स्थापित करना है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 85% इंटरनेट उपयोगकर्ता ईमेल भेजने और प्राप्त करने में इसका इस्तेमाल करते हैं। हर हफ्ते लगभग 20 मिलियन ईमेल्स का आदान-प्रदान होता है।
  2. शोध के लिए: इंटरनेट शोध सामग्री जैसे दस्तावेज, पुस्तकें, शोध पत्र आदि का एक विशाल स्रोत है, जिससे लोग अपने शोध कार्य के लिए इसका उपयोग करते हैं।
  3. फाइलें डाउनलोड या अपलोड करना: इंटरनेट पर विभिन्न वेबसाइटों द्वारा अपलोड की गई फाइलें जैसे फिल्में, गाने, वीडियो, डॉक्यूमेंट्रीज उपलब्ध होती हैं। इन्हें देखने या सुनने के लिए उन्हें डाउनलोड करने की आवश्यकता होती है।
  4. चर्चा समूहों का उपयोग: किसी विशेष विषय पर जानकारी या विशेषज्ञों की राय प्राप्त करने के लिए चर्चा समूहों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहाँ पर अनुभवी और विशेषज्ञ लोग मिलते हैं।
  5. इंटरएक्टिव खेलों का आनंद: बोरियत से बचने के लिए इंटरनेट पर विविध प्रकार के इंटरएक्टिव गेम्स उपलब्ध हैं, जो मनोरंजन प्रदान करते हैं।
  6. शिक्षा और आत्म-सुधार: इंटरनेट पर विभिन्न ऑनलाइन कोर्सेज और कार्यशालाएँ उपलब्ध हैं जिनके माध्यम से ज्ञान और कौशल विकास किया जा सकता है। ऑनलाइन सेमिनारों के जरिए आत्म-सुधार की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा सकता है।
  7. मित्रता और डेटिंग: इंटरनेट पर विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर उपलब्ध हैं, जहाँ पर ऑनलाइन दोस्ती की जा सकती है। डेटिंग के इच्छुक लोग ऑनलाइन डेटिंग साइट्स पर जाकर संबंध बना सकते हैं।
  8. इलेक्ट्रॉनिक अखबार और पत्रिकाएँ: इंटरनेट पर विभिन्न समाचार वेबसाइटें हैं जहाँ नवीनतम समाचार, मौसम और खेल संबंधी जानकारी मिलती है। इसके अलावा ऑनलाइन पत्रिकाएँ भी पढ़ी जा सकती हैं।
  9. नौकरी की खोज: विभिन्न वेबसाइटों पर नियमित रूप से नौकरी संबंधित जानकारी उपलब्ध होती है, चाहे वह तकनीकी हो या गैर-तकनीकी। उपयोगकर्ता इन साइटों पर पंजीकरण कर अपनी पसंदीदा नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।
  10. ऑनलाइन शॉपिंग: अब खरीदारी के लिए दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर विभिन्न शॉपिंग साइट्स उपलब्ध हैं जहाँ से घर बैठे मनचाही चीजें खरीदी जा सकती हैं। यहाँ पर आकर्षक ऑफर्स और विविधता भी मिलती है।

इंटरनेट के लाभ:

  • सूचना तक पहुंच: इंटरनेट विश्वभर की विभिन्न प्रकार की सूचनाओं और ज्ञान के स्रोतों तक त्वरित पहुंच प्रदान करता है। यह शोध, शिक्षा, और सामान्य जानकारी के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है।
  • Communication में सुधार: ईमेल, इंस्टेंट मैसेजिंग, वीडियो कॉलिंग आदि के माध्यम से इंटरनेट दूरदराज के लोगों के साथ भी तत्काल और प्रभावी संचार संभव बनाता है।
  • ई-लर्निंग और ऑनलाइन शिक्षा: इंटरनेट ऑनलाइन कोर्सेज, ट्यूटोरियल, और शैक्षिक माटेरियल के माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ और व्यापक बनाता है।
  • कार्यस्थल में दक्षता: इंटरनेट का उपयोग कर कंपनियां और संगठन अधिक कुशलता से कार्य कर सकते हैं, चाहे वह डेटा संग्रहण हो या सहकर्मी के साथ सहयोग।
  • मनोरंजन: इंटरनेट विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के अवसर प्रदान करता है, जैसे कि ऑनलाइन गेम्स, म्यूजिक, मूवीज, और वेब सीरीज।
  • ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा: इंटरनेट के माध्यम से लोग घर बैठे ही विभिन्न प्रकार के उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं, जिससे समय और ऊर्जा की बचत होती है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच: इंटरनेट के माध्यम से लोग स्वास्थ्य संबंधित जानकारी, ऑनलाइन परामर्श, और टेलीमेडिसिन सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
  • Social networking: इंटरनेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नए लोगों से मिलने, समुदाय बनाने, और विचारों का आदान-प्रदान करने का एक माध्यम प्रदान करता है।
  • व्यापार और वाणिज्य में वृद्धि: इंटरनेट ने ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केटिंग, और ऑनलाइन व्यापार के अवसरों को बढ़ाया है, जिससे व्यापारियों को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है। इंटरनेट से यूट्यूब,इंस्टाग्राम और ब्लॉग्गिंग इस्त्यादी माध्यम से Online paise भी कमा सकते है
  • Innovation और creativity: इंटरनेट विभिन्न प्रकार के टूल्स और प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करता है, जिससे नए विचार और परियोजनाएं सामने आती हैं।

इंटरनेट के नुकसान:

  1. गोपनीयता का जोखिम इंटरनेट पर निजी जानकारी का खुलासा होने से गोपनीयता का जोखिम बढ़ जाता है। हैकिंग, डेटा चोरी, और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाएं अक्सर होती हैं।
  2. साइबर बुलिंग और हरासमेंट इंटरनेट पर बढ़ती साइबर बुलिंग और ऑनलाइन हरासमेंट की घटनाएं विशेषकर युवाओं के लिए एक गंभीर समस्या बन गई हैं।
  3. अस्वास्थ्यकर जीवनशैली इंटरनेट के अधिक उपयोग से बैठे रहने की आदतें और कम शारीरिक गतिविधियां होती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  4. अत्यधिक समय व्यतीत करना इंटरनेट पर बहुत अधिक समय बिताने से व्यक्तिगत संबंधों और वास्तविक दुनिया की गतिविधियों से दूरी बढ़ सकती है।
  5. व्यसन की समस्या इंटरनेट का उपयोग एक व्यसन में बदल सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  6. गलत जानकारी और अफवाहें इंटरनेट पर गलत जानकारी और अफवाहें आसानी से फैल सकती हैं, जो समाज में भ्रम और गलतफहमियों का कारण बनती हैं।
  7. आदतों में परिवर्तन इंटरनेट के अधिक उपयोग से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी और विचलित होने की आदतें बढ़ सकती हैं।
  8. आत्म-निर्भरता में कमी इंटरनेट पर निरंतर निर्भरता से व्यक्तिगत आत्म-निर्भरता और समस्या सुलझाने की क्षमता में कमी आ सकती है।
  9. सुरक्षा सम्बंधित चिंताएं इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के वायरस, मैलवेयर और अन्य साइबर खतरों के कारण डिवाइस और डेटा सुरक्षा की चिंता बढ़ जाती है।

Conclusion:

आज के इस आर्टिकल में हमने Internet के बारे में जाना की इंटरनेट क्या होता है(Internet kya hai)? तथा इंटरनेट का इतिहास क्या है?, इंटरनेट कैसे चलता है?, इंटरनेट का मालिक कौन है? और इंटरनेट के लाभ और नुक्सान के बारे में। उम्मीद है की आपको इंटरनेट के बारे में सब कुछ अच्छे से समझ गए होंगे।

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